योगी या अखिलेश, UP में अगले CM को लेकर ये क्या बोल गए बृजभूषण शरण?
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी विधानसभा चुनाव में कड़ी लड़ाई होने की संभावना जताई है. कहा कि बीजेपी के लिए यह चुनाव आसान नहीं होगा. उन्होंने सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच 'कड़ी टक्कर' की बात कही. बृजभूषण ने 'एकतरफा चुनाव' के बीजेपी दावे को खारिज करते हुए एंटी-इंकंबेंसी और सरकार के कामकाज को लेकर बड़ी बात कह दी है.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. एक तरफ बीजेपी जहां सीएम योगी की अगुवाई में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है, वहीं अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही. बीजेपी और उसके सहयोगी दल इस चुनाव को मुकाबले से बाहर होने का दावा कर रहे हैं. लेकिन बीजेपी के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का आंकलन कुछ और ही है.
उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि इस बार का चुनाव बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी को कड़ी चुनौती मिलने वाली है. एक मीडिया संस्थान के लिए इंटरव्यू में बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया कि क्या आगामी विधानसभा चुनावों में सीएम योगी के नेतृत्व में बीजेपी की वापसी होगी या सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव कुर्सी पर कब्जा कर लेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने सीधा और सपाट लहजे में कहा कि कांटे की टक्कर हो सकती है.
खारिज किया बीजेपी का दावा
बृजभूषण शरण सिंह ने एक अन्य सवाल में बीजेपी के उस दावे को खारिज किया, जिसमें चुनाव एकतरफा होने की बात कही जा रही है. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस बार मुकाबला है और कड़ा मुकाबला है. वहीं जब उन्हें बताया गया कि वह बीजेपी के नेता हैं, तो उन्होंने कहा कि बीजेपी में हैं तो क्या वह झूठ बोल जाएं. उन्होंने दोहराते हुए कहा कि इस बार के चुनाव में संघर्ष अभी से नजर आ रहा है.
बताया एंटी-इनकंबेंसी का असर
बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि प्रदेश में सत्ता विरोधी माहौल से इनकार नहीं किया जा सकता. लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी होना स्वाभाविक है. राजनीतिक गलियारे में बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है. प्रदेश की राजनीति को समझने वालों का दावा है कि बृजभूषण शरण सिंह कोई भी बात हल्के में नहीं कहते.
राम मंदिर नहीं, सरकार के काम पर पड़ेंगे वोट
बृजभूषण सिंह के मुताबिक इस बार चुनाव में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी बड़ा मुद्दा नहीं बन पाएगा. बल्कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज का आंकलन कर वोट करेगी. उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी को जिस तरीके से राजनीतिक रूप दिया जा रहा है, उससे संत समाज में नाराजगी है. ऐसे में इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कितनी सफल होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा.



