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वाराणसी शहर की न्यूज़
64 मीटर के करीब पहुंची गंगा! काशी में नावों पर ब्रेक, 15 फीट पीछे हुई गंगा आरती
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है. इसको लेकर नावों के संचालन पर रोक लगा दिया गया है. विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल 15 फीट पीछे किया गया है. कई घाटों का संपर्क टूट गया. प्रशासन अलर्ट पर है, सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील है.
हमें बनारस में मिला हजरतगंज, हिन्दुओं का हुआ नुकसान… दाल मंडी में भूमि पूजन पर मुसलमानों ने पढ़ी दुआख्वानी
बनारस दालमंडी प्रोजेक्ट का भूमि पूजन संपन्न हुआ, जहां एक ओर विधायक ने विकास का दावा किया, वहीं मुस्लिम समुदाय ने मस्जिद में दुआख्वानी पढ़ी. 220 करोड़ की लागत से बन रही यह सड़क, बनारसी साड़ी उद्योग को संजीवनी देने के साथ ही दालमंडी को पूर्वांचल का आधुनिक बाजार बनाएगी. व्यापारियों की चुनौतियां और बदली हुई समीकरणों के बावजूद, अब इसे 'हजरतगंज' जैसा रूप मिला है.
वाराणसी में ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की मौत: छत से फेंकने का आरोप, चार दिन बाद FIR
वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय आदर्श कुमार की तीन मंजिला मकान से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि पार्टी के दौरान विवाद के बाद उनके बेटे को छत से धक्का दिया गया. गंभीर हालत में आदर्श को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिनों के इलाज के बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
‘बनारस के यार जुलाहे’… हैंडलूम डे पर काशी के बुनकरों की हालत को बयां करती ग्राउंड रिपोर्ट
नेशनल हैंडलूम डे के 11 साल बाद भी बनारस के बुनकरों की जिंदगी में बदलाव को लेकर सवाल कायम हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग, सरकारी योजनाओं, हैंडलूम मेले और नए ब्रांड्स के आने से सेक्टर में रिवाइवल हुआ है. बनारसी साड़ी की मांग और बाजार बढ़ा है, लेकिन कई बुनकर अब भी पावरलूम से मुकाबला, कम मजदूरी और सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव से जूझ रहे हैं. असली चुनौती हैंडलूम की पहचान बचाने और बुनकरों को स्थायी रोजगार देने की है.
2500 साल पहले के बनारसी क्या खाते थे? राजघाट में मिले कंकाल से खुलेगा राज, DNA जांच शुरू
करीब ढाई हजार साल पहले काशी में रहने वाले लोग क्या खाते थे? उनका गोत्र क्या था? वे यहीं के मूल निवासी थे या कहीं और से आकर बसे थे? इन सवालों के जवाब अब विज्ञान की मदद से तलाशे जाएंगे. BHU ने राजघाट से मिले लगभग 2500 साल पुराने मानव कंकाल का डीएनए और वैज्ञानिक परीक्षण शुरू कर दिया है.
वाराणसी में आधी रात मुठभेड़, SOG प्रभारी को लगी गोली; 27 किलो चांदी लूटकांड के दो बदमाश गिरफ्तार
वाराणसी में आधी रात को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ हो गई. इसमें SOG प्रभारी के हाथ में गोली लगी, जबकि दो बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार हुए. दोनों बदमाश 27 किलो चांदी लूट के आरोपी हैं. SOG प्रभारी समेत दोनों आरोपियों का BHU ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है.
काशी में दर्शन कराने के नाम पर ठगी! कर्नाटक से आए परिवार से ऐंठे 4000, पुलिस ने लौटवाए पैसे
सावन के पहले सोमवार पर वाराणसी में लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचे. इस भीड़ का फायदा उठाकर दर्शन के नाम पर ठगी करने वाले भी एक्टिव थे. पुलिस ने एक ऐसे ही दलाल को कर्नाटक के परिवार से 4000 ठगते पकड़ा, पैसे वापस कराए और दर्शन की व्यवस्था की.
रविदास से प्रेम, प्रेमचंद से दूरी! महापुरुषों को लेकर बीजेपी सेलेक्टिव क्यों? उठे बड़े सवाल
वाराणसी में बीजेपी पर महापुरुषों के सम्मान को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लग रहा है. जहां कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद और साहित्यकार धूमिल जैसी हस्तियों की जयंती उपेक्षित है, वहीं संत रविदास की जयंती को समय से पहले ही भव्य रूप से मनाया जा रहा है. इसको लेकर अब सवाल उठ रहे हैं.
जंतर-मंतर पर जो दिखा, उससे महिला समाज का सिर शर्म से झुक गया: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विकसित भारत के लिए संस्कारवान और अनुशासित युवा पीढ़ी को आधार बताया. उन्होंने जंतर-मंतर घटना पर दुख व्यक्त करते हुए महिलाओं के सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के पालन पर जोर दिया. राज्यपाल ने कहा कि बेटियों को वेद और उपनिषद का अध्ययन करना चाहिए.
अब संत रविदास के नाम से ही जाना जाएगा भदोही, सीएम योगी का बड़ा ऐलान
संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि भदोही को अब संत रविदास के नाम से ही जाना जाएगा. सीएम योगी ने इसे सरकार की आस्था और संत रविदास के प्रति सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह फैसला उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में उठाया गया कदम है.









